शुक्रवार, 21 नवंबर 2008

भगनी समाज हाल में कथन की ओर से बैठक

बाबा धरणीधर की डायरी ...
दिनांक २९ नवंबर , १९९२

अपरान्ह तीन बजे भगनी समाज हाल में कथन की ओर से बैठक का आयोजन हुआ . धर्म धर्मान्धता और धर्मोन्माद जैसे ज्वलंत विषय पर चर्चा था . आज घाटे साहब भी साथ आ गए थे . मनोज कुलकर्णी और उसका ग्रुप समय- समय पर ऐसी चर्चा रख लेता है . बोलने वालों में नवीन चौबे , प्रदीप श्रीवास्तव , अनिल करमेले , यूनुस ( रेडियोवाणी ब्लॉग वाले यूनुस यानी ... मशहूर अनाउंसर यूनुस खान, विविध भारती मुंबई, रेडियो जॉकी) और काफी संख्या में महिलाएं भी थी .

सब लोगों ने एक स्वर रखे . यही प्रतिपादित किया की धर्म के नाम पर मुल्ला पंडित जी जो आम आदमी को बरगलाने का काम कर रहे है. यह नहीं होना चाहिए . बुध्दिजीवी और विचारशील व्यक्तियों को चाहिए की वह इस कुप्रवृति को रोके आदि आदि . वैसे बीमारी और बीमारी का इलाज़ दोनों बहुत पुराने हो चुके हैं . इससे हटकर भी हमें अब कुछ करना होगा .

मैंने (बाबा धरणीधर) इस प्रकार की चर्चा के साथ यह भी करने का सुझाव दिया कि जब प्रधानमंत्री एकता परिषद् बुलाते हैं साधु समाज और मुस्लिम उलेमा और हिंदू परिषद् से बात करते हैं तो बुध्दिजीवी कलाकार और साहित्यकारों से बात क्यों नहीं करते . अत: आवश्यक है कि प्रधानमंत्री को इसके लिए लिखा जाए .

प्रस्तुति

रामकृष्ण डोंगरे तृष्णा