बुधवार, 15 मई 2013

तंसरा दरगाह शरीफ में 55 वें सालाना उर्स मेले का आगाज

  • छिंदवाड़ा में होगा यूपी के कव्वालों का मुकाबला...
  • बाबा दीवाने शाह की दरगाह पर शाही संदल 18 मई को होगा पेश

तुझ से राजी है, खुदा ऐ महज़बीने तन्सरा।
तुझ पे हो रहमत खुदा कीं, सरज़मीने तन्सरा।
- हजरत अल्लामा मौलाना अल्हाज डॉ. मुहम्मद अब्दुल 'गनी'
‌छिंदवाड़ा जिले की सरज़मीने तन्सरा यानी ग्राम तंसरामाल बाबा दीवाने शाह के 55वें सालाना उर्स के मौके पर सूफियाना रंग में रंगी नजर आएगी। सालाना उर्स यानी मेले का आगाज 16 मई से हो रहा है। इस बार का कव्वाली मुकाबला यूपी के दो मशहूर कव्वालों के बीच होगा। पहले कव्वाल बिजनौर के सरफराज शाबरी होंगे। वहीं दूसरे हमीरपुर के असलम निजामी। तंसरा दरगाह शरीफ से जु़ड़े सैयद आबिद अली उर्फ गुड्डू भाई ने बताया कि पिछले दस सालों में उर्स मेले का स्वरूप काफी बड़ा हो गया है। यहां आने वाले जायरीनों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक इस बार 50 हजार से ज्यादा लोग दरगाह पर आएंगे। उन्होंने कहा कि 16 से 18 मई तक चलने वाले इस मेले का समापन 19 मई की सुबह होगा।

तंसरा दरगाह शरीफ के इस उर्स में देशभर से जायरीन आते हैं। इनमें महाराष्ट्र के मुंबई समेत कई जिले, बिहार, मध्यप्रदेश के सिवनी, बालाघाट, बैतुल आदि शामिल है। इस खास मौके पर छिंदवाड़ा जिले के कोयलांचल क्षेत्र के जामई, जुन्नारदेव, परासिया, चांदामेटा आदि कई शहरों से बड़ी तादाद में लोग आते हैं। यहां आने वाले सभी जायरीनों के लिए भोजन की भी व्यवस्‍था की जाती है। इसके अलावा सभी को प्रसाद के रूप में पुलाव भी दिया जाता है। इन तीन दिनों के दौरान गांव का माहौल काफी अच्छा होता है। सूफी कलामों की गूंज दूर तक सुनाई देती है। लोग सिर पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।

कार्यक्रम
16 मई-55 वें उर्स मेले का आगाज
17 मई- संदल और चादर चढ़ाई जाएगी
18 मई- शाही संदल गांव में गश्त करता हुआ दरगाह पहुंचेगा
                 इसके अलावा कव्वाली का महा मुकाबला हागा
               - सरफराज शाबरी (बिजनौर, यूपी)
               - असलम निजामी (हमीरपुर, यूपी)
19 मई- मेले का समापन

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